मानवाधिकार संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वीकृत एक मानविकी सामान्यताएं हैं जो हर व्यक्ति को उनके जीवन के निकायों, स्वतंत्रता, समानता, और गरिमा के साथ जीने का अधिकार सुनिश्चित करती हैं। मानवाधिकार सिद्धांत का मूल आधार यह है कि हर मनुष्य मानवता के कारण इसके हक़दार होता है, और वे जन्म से ही उनके आपसी समान हक़ और महत्व के कारण अद्वितीय होते हैं।
मानवाधिकारों का मूल्यांकन और संरक्षण अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून और समझौतों, जैसे संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार सामान्य सभा के अधिप्राप्ति और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, जैसे कि ऐसे के माध्यम से होता है। कई अद्यतन संविधानों और राष्ट्रीय कानूनों में भी मानवाधिकारों का विस्तार और सुरक्षा किया गया है।
मानवाधिकारों का सूची व्यापक है और इसमें शामिल हो सकते हैं: जीवन का अधिकार, न्यायपूर्ण न्याय, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, नीतिगत और सामाजिक समानता, अन्यायरहित और न्यायपूर्ण कारवाई, विचारधारा, धार्मिक स्वतंत्रता, संघर्ष और यात्रा करने की स्वतंत्रता, संघर्ष से स्वतंत्रता की प्राप्ति, बच्चों के अधिकार, महिलाओं के अधिकार, वृद्ध और अशक्त व्यक्तियों के अधिकार, मौलिक स्वतंत्रता, आपसी सम्बन्धों के अधिकार, अवसर सामान्यता, ज्ञान का अधिकार, सामाजिक सुरक्षा, और पर्यावरणीय सुरक्षा आदि।
मानवाधिकार उद्देश्य के रूप में लोकतंत्र में शामिल होते हैं, जहां व्यक्ति को उनके स्वतंत्रता, गरिमा, और समानता के लिए समर्पित बनाने का प्रयास किया जाता है और वे अपनी आवश्यकताओं के लिए आपसी सहयोग करते हैं।
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